राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाम राज्यपाल की लड़ाई जारी है। इस वजह से पूरे देश में कांग्रेस आज प्रदर्शन करेगी, लेकिन राजस्थान में पार्टी राजभवन का घेराव नहीं करेगी। कांग्रेस का मानना है कि इसको आधार बनाते हुए कहीं राष्ट्रपति शासन की सिफारिश ना हो जाए। सावधानी बरतते हुए यह तय हुआ है कि कोई भी राजभवन के आस-पास नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अभी तक राज्यपाल कलराज मिश्र कोई फैसला नहीं ले सके हैं। गौरतलब है कि राजस्थान की सियासत अब राज्यपाल कलराज मिश्र के इर्द गिर्द घूम रही है। सीएम गहलोत जहां विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़े हुए हैं। वहीं राज्यपाल सत्र बुलाने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं।
राज्यपाल कलराज मिश्र भी कांग्रेस के हमले को लेकर एक्शन की तैयारी में हैं। कल राज्यपाल कलराज मिश्र ने आला अधिकारियों के साथ मामले को लेकर चर्चा की। इसके बाद सीएम अशोक गहलोत को डर सताने लगा कि कहीं राजभवन के बाहर प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश न हो जाए।
अशोक गहलोत कैबिनेट ने 31 जुलाई को विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्रा को भेजा है। सूत्रों की माने तो इसमें कोरोना पर चर्चा की बात कही गई हैं। राज्य में 6 बिलों को विधानसभा में पेश करने का हवाला दिया गया है। वहीं प्रस्ताव में कही भी बहुमत साबित करने का जिक्र नहीं किया गया है।
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