कोरोना संकट के बीच स्कूलों को खोलने का फैसला अब अभिभावकों की राय से ही होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फिलहाल यह फैसला अभिभावकों पर ही छोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत अभिभावकों को बताना होगा कि वह स्कूल कब खुलवाना चाहते हैं- अगस्त, सितंबर या फिर अक्टूबर में। साथ ही स्कूलों के खुलने के बाद उनकी स्कूलों से क्या अपेक्षाएं होंगी।
मंत्रालय से जुडे़ सूत्रों की मानें तो इस रायशुमारी से साफ है कि स्कूलों के खोलने का फैसला अब और आगे बढ़ सकता है, क्योंकि कोरोना संक्रमण की अभी जो रफ्तार है, उसमें कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहेगा। ऐसे में स्कूलों को खोलने का फैसला अक्टूबर तक जा सकता है। हालांकि अब तक स्कूलों को अगस्त से ही खोलने की बात चल रही थी। बता दें कि कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए स्कूल इस साल मार्च से ही बंद हैं। इसके चलते इस बार पूरी परीक्षाएं भी नहीं हो पाई थीं। बाद में आंतरिक आकलन के आधार पर रिजल्ट घोषित किया गया।




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