उज्जैन एसटीएफ एसपी नितेश गर्ग ने 'आजतक' से बातचीत करते हुए बताया कि हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग उज्जैन के नानाखेड़ा इलाके में वन्यजीवों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने जाल बिछाया और दो कारों में सवार कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में चार महिलाएं थी। सभी आरोपी इंदौर और आसपास के इलाकों मे रहने वाले हैं।
एसपी के मुताबिक, कार सवार लोगों के कब्जे से एक सुनहरा उल्लू और दो मुंहा सांप बरामद किया गया है. पकड़े गए दोनों जीव बेहद दुर्लभ हैं। सुनहरे उल्लू को स्मगलर तांत्रिक क्रियाओं के लिए बेचते हैं जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है। वहीं दो मुंह वाले सांप का इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है और इसकी कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये है।
एसटीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इनसे पूछताछ कर एसटीएफ ये जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कब से वन्यजीवों की तस्करी का काम कर रहे हैं और अबतक कौन से और कितने वन्यजीवों को इन्होंने बेचा है।एसटीएफ ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इनके तार मध्य प्रदेश के बाहर किसी अन्य राज्य के तस्करों से भी जुड़े हैं या नहीं?

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