क्या आप जानते हैं फांसी से पहले और फांसी वाले दिन क्या होता है?


आज से सात साल पहले दिल्ली में हुए निर्भया केस ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। आज भी हर कोई दोषियों की फांसी का इंतजार कर रहा है।


बता दें कि मौत की सजा पाए आरोपी को फांसी दिए जाने से एक दिन पहले ही उसकी आखिरी इच्‍छा पूछी जाती है। जेल प्रशासन उसे पूरा करने की कोशिश भी करता है।


फांसी के दिन कैदी सुबह 5 बजे उठाया जाता है। इसके बाद उसको चाय दी जाती है। उसकी इच्छा अनुसार उसे धर्म ग्रंथ पढ़ने के लिए दिया जाता है। उससे पहले उसकी अंतिम इच्छा पूछी जाती है। फांसी के दौरान वहां मौजूद सभी अधिकारियों को अपनी आंखें बंद करनी पड़ती है। करीब एक मिनट बाद फंदे को ढीला कर शरीर को 15 फीट नीचे छोटे से तालाब में गिरा दिया जाता है उसके बाद डॉक्टर शव की जांच कर मौत की पुष्टि करता है।


उसके बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाता है और फिर अगर जेल सुपरिटेंडेट को ये लगे कि मरने वाले के शव और उसकी चीजों का गलत इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तो वो शव उसके परिजनों को सौंप देते हैं।

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