दान-पुण्य किसी को न बताएं
दान-पुण्य करने से मन को संतुष्टि मिलती है लेकिन इसे दूसरों को बताने से कुछ हासिल नहीं होता। आचार्य चाणक्य के अनुसार, दान-पुण्य का लेखा-जोखा गुप्त ही रहना चाहिए। अगर आप अपने द्वारा किए गए दान के बारे में दूसरों को भी बता रहे हैं तो वह बेकार माना जाता है। साथ ही साथ आपको उसका कोई फल भी नहीं मिलेगा। वहीं, दूसरों के सामने इसका जिक्र करने से उन्हें ये महसूस हो सकता है कि आप दिखावा कर रहे हैं।
मूर्ख लोगों से न करें विवाद
चाणक्य नीति के अनुसार, मूर्ख लोगों से विवाद करने से बचना चाहिए। आप उन्हें अपनी बात तो नहीं ही समझा पाएंगे, साथ ही इससे आपका समय भी नष्ट होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि मूर्ख व्यक्ति किस बात का क्या मतलब निकाल ले, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। चाणक्य के अनुसार, ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी समझ और विवेक से काम लें और मूर्ख लोगों से सावधान रहें।
पारिवारिक झगड़ों का न करें कही जिक्र
परिवार किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। ऐसे में जरूरी है कि आप परिवार से जुड़ी बातें दूसरों के सामने न करें। खासकर अगर घर में किसी के बीच झगड़ा हुआ हो तो उस बारे में भूल कर भी दूसरों को न बताएं। ऐसा करने से हो सकता है कि वो दूसरों के सामने आपके परिवार का मजाक बनाएं या फिर आपके पारिवारिक रिश्तों पर सवाल खड़ा करें। कई बार लोग पारिवारिक झगड़े को उजागर करके दूसरों को लाभ उठाने का मौका देते हैं। इसके अलावा, किसी को कभी भी अपने पैसे और संपत्ति के बारे में दूसरों को नहीं बताना चाहिए।
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