अस्पताल के एक ईएनटी (नाक-कान-गले का डॉक्टर) विशेषज्ञ ने कहा, "उसने बताया कि उसका कान बहुत दुखता है, उसे ऐसा महसूस होता है कि कोई उसके कान को अंदर से खरोंच और खा रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है।"
विशेषज्ञ ने कहा, "मुझे 10 से अधिक कॉकरोच के जीवित बच्चे मिले जो कान के अंदर इधर-उधर घुम रहे थे।"
अस्पताल ने कहा कि काले और भूरे रंग वाली मादा कॉकरोच की तुलना में बच्चों का रंग हल्का था और वह छोटे थे।
विशेषज्ञ ने ल्वू के कान से चिमटी की सहायता से बड़े शरीर वाली मादा कॉकरोच से पहले एक-एक कर छोटे आकार के बच्चों को बाहर निकाला।
अस्पताल के ईएनटी प्रमुख ली जिन्युआन ने स्थानीय मीडिया को बताया कि ल्वू को अपने बिस्तर के पास अधूरे भोजन के पैकेट रखने की आदत थी, इसीके चलते कॉकरोच जैसे जीव आकर्षित होते हैं।



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