हालांकि इस बारे में शुक्रवार देर रात पूछे जाने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ, जो हवाई अड्डे की सुरक्षा में तैनात है) के प्रवक्ता सहायक महानिरीक्षक हेमेंद्र सिंह ने यही कहा, "बैग को कूलिंग-पिट में बंद करके रखा गया है। ताकि विस्फोटक अगर फट भी जाए तो किसी तरह की कोई हानि न हो। 24 घंटे बाद ही इस बात का पता चल सकेगा कि आखिर बैग में है क्या?"
उल्लेखनीय है कि गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि में टर्मिनल तीन पर काले रंग का संदिग्ध बैग सीआईएसएफ ने जब्त किया था। मौके पर विस्फोटक विशेषज्ञ स्वान-दल (डॉग स्क्वॉड) भी बुलवा लिया गया। डॉग ने सूंघने के बाद जब बैग को संदिग्ध करार दिया, तो मौके पर तमाम सुरक्षा और जांच एजेंसियों का जमघट लग गया।
आधी रात के बाद से शुक्रवार शाम तक यही तमाशा चलता रहा। आशंका यही बनी रही कि हो न हो लावारिस मिले बैग में आरडीएक्स भी हो सकता है। देर रात हरियाणा के बल्लभगढ़ निवासी शाहिद खान ने इन तमाम आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया।
बैग मालिक ने सामने आकर जब बताया कि, बैग उससे गलती से छूट गया था। बैग में चॉकलेट और मिठाई हैं। यह बात उसने एयरपोर्ट थाने में पहुंचकर बताई। इतना सुनते ही संदिग्ध बैग को 'कूलिंग-पिट' में घंटों से उसके अंदर मौजूद विस्फोटक को कथित रुप से 'ठंडा' करने की कोशिशों का मजाक उड़ने लगा।
एयरपोर्ट पर तैनात दिल्ली पुलिस के एक आला-अफसर ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "बैग स्वामी ने पुलिस को यह भी बताया कि बैग में लैपटॉप चार्जर और कुछ काजू भी रखे हैं।"



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