प्रज्ञा ने गुरुवार को ट्वीट किया, "कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है। किंतु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता, पलभर के बवंडर में लोग भ्रमित न हों, सूर्य का प्रकाश स्थाई है। सत्य यही है कि कल मैंने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा, बस।"
सांसद प्रज्ञा ठाकुर की इस सफाई से यही लग रहा है कि उन्होंने संसद में गोडसे नहीं, बल्कि ऊधम सिंह को देशभक्त करार दिया था।

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