जानकारी अनुसार काफी देर तक दोनों देशों के सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। बताया जा रहा है कि भारतीय सैनिक पट्रोलिंग पर थे और तभी उनका सामना चीन के पीपल्स लिब्रेशन आर्मी के सैनिकों के साथ हो गया। चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना के मौजूदगी का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई।दोनों देशों की तरफ से इलाके में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई। देर शाम तक दोनों में संघर्ष चलता रहा।दोनों देशों के बीच संघर्ष तब शांत हुआ जब दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।
इस साल जुलाई में भूटान ने दावा किया था कि 2017 में डोकलाम में एक सड़क निर्माण को लेकर चीन और भारत के सैनिक एक दूसरे के आमने-सामने आ गए थे। उस समय दोनों सेनाओं के बीच काफी तनाव बढ़ गया था। लंबे समय तक चले डोकलाम गतिरोध ने दोनों देशों के बीच चले आ रहे सीमा विवाद को और भी बढ़ा दिया था। हालांकि अब दोनों देशों के बीच संबंधों को दुरुस्त किया गया है।
भारत और चीन के बीच 3,448 किलोमीटर लंबी सीमा पर दशकों पुराना विवाद है, जो दुनिया की नौवीं सबसे लंबी सीमा है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है जबकि भारत अक्साई चीन पर अपना दावा करता है। 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हो चुका है।




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