'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (1995) का गाना 'तुझे देखा तो ये जाना सनम' के कंपोजर ललित पंडित ने कहा, "हम सबने इसे महसूस किया। शब्दों में कुछ जादू था। लता जी ने गाने में जादू ला दिया था। मुद्दा तो यह था कि उनके साथ काम करना खुद हमारे लिए ऐतिहासिक पल था। उनके द्वारा गाना गाने का अर्थ था कि उन्होंने लाखों संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया। डीडीएलजे का गाना लता जी के लिए बहुत खास था। मुझे याद है उन्हें गाने का ट्यून काफी पसंद था, उन्होंने ट्यून के कैसेट भी हमसे मंगवाए थे, ताकि वे उसे सुनकर सहज हो जाएं। जब वह रिकॉर्डिग के लिए आई तब वह पूरी तैयारी के साथ आई थीं और वे उस गाने को इतनी ऊंचाई पर ले गई, जिसके बारे में हमने सोचा भी नहीं था।"
रिकॉडिर्ंग के बाद वह हमें बधाई देने के लिए स्टूडियो के मॉनिटरिंग क्यूबिकल में आई, ऐसा उन्होंने पहली बार किया था और हम यह देख कर अवाक थे। फिल्म 'जूली' (1975) का गाना 'भूल गए सब कुछ' के कंपोजर राजेश रोशन ने कहा, "मैंने तय कर रखा था कि फिल्म के टाइटल गाने को लता जी ही गाएंगी। तब मैं इस जगत में नया था। लताजी को मैं बचपन से जानता था। लेकिन औपचारिक परिचय कभी नहीं हुआ।
गीत पर लता जी के साथ काम करना, मेरे लिए दो बड़े फायदे थे। एक यह कि उन्हें हमेशा से पता रहता है कि गाने में कहा कौन से सुर डालने हैं और कहा रुकना है। दुनिया में कोई दूसरा गायक नहीं है जो ऐसा कर सकता है। काश उन्होंने गायकों को पढ़ाया होता।"




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