हरी भिंडी की तुलना में इस लाल रंग की भिंडी में कुछ खास पोषक तत्व हैं। इसमें आयरन की मात्रा काफी अधिक है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, विटामिन बी 9 भी मौजूद है। इसे विकसित करने वाले विशेषज्ञों की मानें तो इसमें कुछ खास एंटी ऑक्सीडेंट तत्व हैं, जिसके कारण यह गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी मानी जा रही है।
काशी लालिमा यानी लाल रंग की भिंडी में मौजूद आयरन, कैल्शियम और एंटी ऑक्सीतडेंट तत्व इसे हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी बना रहे हैं। इसके सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉंल को रोकने में मदद मिलेगी। अभी तक इस तरह की भिंडी केवल यूरोपीय देशों में ही उगाई जा रही थी। पर अब इसकी खेती भारत में भी हो सकेगी।
पश्चिमी देशों से आयात की जाने वाली लाल रंग की भिंडी को उगाने के लिए भारतीय वैज्ञानिक बरसों से मेहनत कर रहे थे। 1983 में यह अमेरिका में इसकी खेती सफल रही थी। उसके बाद भारतीय वैज्ञानिकों की इस पर नजर 1995 में गई। वे तभी से इसकी प्रजाति को यहां विकसित करने पर शोध कर रहे थे। अब इतने वर्षों के बाद वैज्ञानिकों की मेहनत सफल हो सकी है। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने इसे उगाने में सफलता हासिल कर ली है।




एक टिप्पणी भेजें