बैठक में पाकिस्तानी की ओर से आर्थिक मामलों के संघीय मंत्री हम्माद अजहर, संघीय जांच एजेंसी, स्टेट बैंक, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान, एंटी नारकोटिक्स फोर्स और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह बैठक 9 सितंबर से 13 सितंबर तक चलेगी जिसमें इस बात की समीक्षा की जाएगी कि पाकिस्तान ने जून 2018 में जो वादा किया था, उसे कितना पूरा किया है।
बैठक के दौरान पाकिस्तान एफएटीएफ को बताएगा कि उसने प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर काबू पाने और उनकी संपत्ति को जब्त करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। इस बैठक का नतीजा 13 सितंबर तक जारी रहेगा जिसमें यह तय होगा कि पाकिस्तान का नाम ग्रे सूची में रहेगा या इसे ब्लैक लिस्ट में जोड़ा जाएगा।



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