इसरो ने जानकारी दी है कि विक्रम टेढ़ा हुआ है, इसलिए उससे संपर्क साधने की उम्मीद अभी शेष है। इसरो के तमाम अधिकारी इस कोशिश में हैं कि किसी तरह विक्रम से संपर्क किया जा सके। वैज्ञानिकों ने सोमवार को बताया कि कम्युनिकेशन लिंक वापस जोड़ने के लिए यह जरूरी है कि लैंडर का ऐंटीना ऑर्बिटर या ग्राउंड स्टेशन की दिशा में हो। खबर है कि चंद्रयान 2 मिशन से जापान भी प्रभावित है और अब वह भारत के साथ मिलकर 2020 एक संयुक्त लुनर पोलर एक्सप्लोरेशन लॉन्च करेंगे।
गौरतलब है कि इसरो चीफ के सिवन ने कल जानकारी दी थी कि लैंडर विक्रम का लोकेशन मिल गया है, आर्बिटर ने उसकी तसवीर भेजी है। हालांकि सिवन ने यह स्पष्ट किया था कि विक्रम से किसी तरह का संपर्क अभी तक नहीं हो पाया है, लेकिन हमारे पास 12 दिन का समय अभी शेष है, इस दौरान संपर्क पुन: स्थापित करने की पूरी कोशिश की जायेगी।



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