डैनोन इंडिया की हेल्थ एंड न्यूट्रीशन साइंस विभाग के नंदन जोशी ने कहा कि गाय का दूध सदियों से हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ है, लेकिन यह एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए। यह शिशु की अपरिपक्व किडनी पर तनाव डाल सकता है और पचाने में भी मुश्किल होता है। वहीं, एक साल से ऊपर के शिशुओं को घर का अनुपूरक भोजन खिलाया जा सकता है जबकि एक साल से कम उम्र के बच्चों को विशेष हाइड्रोलाइज्ड और एमिनो एसिड-आधारित भोजन की जरूरत होती है जिससे एलर्जी न होती हो।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में पता चला कि केवल 40 प्रतिशत बच्चों को समय पर अनुपूरक भोजन मिल पाता है जबकि केवल 10 प्रतिशत बच्चे ही छह से 23 महीने के बीच पर्याप्त आहार प्राप्त कर पाते हैं। भारत में अधिकतर शिशुओं को गाय का दूध दिया जाता है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कम होती है। रैपिड सर्वे ऑन चिल्ड्रेन (आरएसओसी) में पता चला कि एक साल से कम उम्र के स्तनपान से वंचित 42 फीसदी शिशुओं को गाय का दूध दिया जाता है।

إرسال تعليق