जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मद्देनजर सरकार ने एहतियात के तौर पर घाटी में इंटरनेट और फोन सेवा बंद पर पाबंदी लगा दी थी। इस सुविधा पर 4 अगस्त से रोक लगाई गई थी। लेकिन अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के पास 8 दिनों तक लैंडलाइन और इंटरनेट सेवा चालू थी। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को यह भी पता नहीं चल सका कि गिलानी कश्मीर में इंटरनेट एक्सेस कर रहे हैं या नहीं, उन्होंने अपने अकाउंट से ट्वीट किया था।
इस बाबत जांच शुरू की गई थी कि गिलानी कैसे इंटरनेट और लैंडलाइन सुविधा पाने में सक्षम थे। बीएसएनएल ने इस संबंध में दो अधिकारियों पर एक्शन लिया है। अधिकारियों के लूप होल्स के बारे में पता चलने के बाद से गिलानी की सर्विस बंद कर दी गई थी।
बता दें कि अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के ऐक्शन के बाद शनिवार को 96 में से 17 टेलिफोन एक्सचेंज चालू करते हुए कश्मीर में लैंडलाइन फोन सेवा शुरू हुई थी। इस बीच सोमवार को श्रीनगर के 190 से ज्यादा प्राइमरी स्कूल करीब 14 दिनों बाद फिर से खोल दिए गए हैं। बीते कई दिनों से पढ़ाई का काम बाधित होने के बाद तमाम छात्र स्कूलों की क्लासेज में जाते नजर आए हैं।

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