रिधी ने आईएएनएस से कहा, "मैं प्रधानमंत्री की प्रशंसक प्रारंभ से ही हूं। उनके हार्डवर्क का कोई जवाब नहीं। किसी के लिए भी अनुच्छेद 370 हटाना और तीन-तलाक को अपराध बनाना एक साहसिक फैसला है।"
मोदी के फैसला लेने के अंदाज से प्रभावित रिधी रांची में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वे कहती है, "सभी लोगों का जश्न मनाने का अपना तरीका होता है। मैं पीठ पर प्रधानमंत्री की तस्वीर बनाकर जश्न मना रही हूं।"
इधर, रांची के लालपुर में टैटू बनाने वाले विनय कुमार कहते हैं, "रिधी मेरे पास मंगलवार को ही आई थीं, मैंने उन्हें बहुत समझाया। लेकिन दो दिन बाद वह फिर आईं और आखिरकर मैंने उनकी पीठ पर प्रधानमंत्री का टैटू बना दिया। इसे बनाने में छह घंटे का समय लगा।"
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में दो-तीन लोग अपने शरीर पर प्रधानमंत्री का पोर्टेट टैटू के रूप में बनवा चुके हैं। हालांकि ये सभी लोग अपनी बांह पर टैटू बनवा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गौरव कुमार ने शनिवार को अपने बाईसेप्स (बांह) पर कमल के फूल (भाजपा का चुनाव चिह्न) का टैटू बनवाया है। उन्होंने कहा कि यह टैटू जीवनभर रहेगा और इसे मिटाया नहीं जा सकता है। इधर, रिधी द्वारा पीठ पर प्रधानमंत्री के टैटू बनाए जाने की हर तरफ चर्चा है।
झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल कुमार शाहदेव ने इस पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कामों से देश ही नहीं विदेश में भी लोगों की पसंद बने हुए हैं। झारखंड के लोग भी उन्हें पसंद करते हैं।

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