चारधाम यात्रा के संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ चैबीसों घंटे अलर्ट पर रहेगी। इसके लिए 30 टीमों को 63 स्थानों की जिम्मेदारी दी गई है। टीम स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा कंट्रोल रूम से समन्वय बनाए हुए है। सूचना मिलने पर टीम आपदा में फंसे लोगों की मदद को तत्पर रहेगी।
चारधाम यात्रा रूट और इससे लगे इलाकों में मानसून की बारिश विपदा बनकर टूट रही है। बारिश से सड़क बंद होने के साथ ही भूस्खलन, भू-धंसाव, कटाव, नदी के ऊफान पर आने जैसी घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इससे देखते हुए आपदा प्रबंध को चैकन्ना किया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार टीमें अलर्ट पर रखी जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों के पास सुरक्षित स्थानों पर शिविर लगाए जा रहे हैं। करीब 30 टीमें राज्यभर में तैनात की गई हैं। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त टीमें भी मदद को रिजर्व रखी गई हैं

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