नलिनी ने अपने मामले की बहस खुद की थी। अदालत ने नलिनी से राजनेताओं या मीडिया से ना मिलने के लिए कहा है।
नलिनी ने अपनी याचिका में कहा कि आजीवन कारावास के प्रत्येक कैदी को दो साल जेल में रहने के बाद एक महीने की पेरोल स्वीकृत है और उसने पिछले 27 सालों से एक भी छुट्टी नहीं ली है।
नलिनी के अलावा मामले के छह अन्य दोषियों में उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, ए.जी. पेरारिवलन, टी. सुतेंद्रराजा उर्फ सनतन, जयाकुमार, रॉबर्ट पायस और रविचंद्रन हैं।
सभी दोषी 1991 में लिट्टे की महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा चेन्नई में एक जनसभा में खुद को उड़ाकर राजीव गांधी की हत्या करने के बाद से जेल में बंद हैं।

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