घायल श्रमिकों में अधिकतर प्रवासी थे, उनके 25-30 प्रतिशत तक जल जाने से उन्हें तुरंत यहां के एक अस्पताल में लाया गया। उनमें से दो को गंभीर हालत में राजिंद्र मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब यह हादसा हुआ उस वक्त मजदूर गर्म लोहे के नवीनीकरण में व्यस्त थे। धमाका इतना जोरदार था कि कारखाना भी आंशिक रूप से छतिग्रस्त हो गया।
एक मजदूर ने पुलिस को बताया, "धमाके की आवाज सुनने के बाद हम घटनास्थल की ओर भागे। जलने से दो श्रमिकों की मौत हो और 12 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"
अधिकारी ने कहा, "प्रथम दृष्टया यह लापरवाही का मामला लगता है।" लुधियाना और इसके पास में स्थित शहर मंडी गोबिंदगढ़ पंजाब के लौह उद्योग का प्रमुख केंद्र हैं।

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