दरअसल शनिवार को इंदौर के झलारिया गांव के बिरला स्कूल में लोगों ने एक सांप को देखा। घबराए हुए कर्मचारियों ने डर की वजह से सांप पर कीटनाशक (कीटों का मारने वाला जहर) फेंक दिया। कीटनाशक के प्रभाव से सांप बेहोश हो गया और वहीं सुस्त पड़ गया। बाद में गांव वालों को पता चला कि जिस सांप पर उन्होंने कीटनाशक डाला है वो जहरीला नहीं है।
जो सांप स्कूल में पाया गया था वो घोड़ा पछाड़ मूल का था जो लगभग 100 की स्पीड से रेंग सकता है और इसमें जहर नहीं पाया जाता है। सांप के बेहोश होने के बाद वहां के लोगों को सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि आयकर विभाग के अफसर शेर सिंह गिन्नारे सांप पकड़ने में माहिर हैं। गांव वालों ने तुरंत आयकर अधिकारी से संपर्क किया जिसके बाद वो स्कूल पहुंचे।
शेर सिंह गिन्नारे ने स्कूल पहुंचकर तुरंत सांप का इलाज शुरू किया। गिन्नारे ने कोल्डड्रिंक पीने वाले स्ट्रॉ की मदद से खुद के मुंह में पानी रखकर स्ट्रॉ के दूसरे सिरे से सांप के मुंह में पानी छोड़ा और धीरे-धीरे दबाव बनाने लगे। दबाव में सांप ने उल्टियां कर दी, जिससे जहरीला कीटनाशक बाहर निकल गया और सांप की जान बच गई।




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