एक नए अध्ययन में पता चला है कि लो स्पर्म काउंट या कम शुक्राणुओं वाले पुरुषों में हृदय रोग और मधुमेह जैसी संभावित घातक बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। शोध में पाया गया कि कम शुक्राणुओं की संख्या वाले लोगों में उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में अधिक फैट का प्रतिशत 20 अधिक है।
इटली के ब्रेशिया विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक अल्बटरे फेरलिन के मुताबिक, “हमारा अध्ययन स्पष्ट रूप से बताता है कि पुरुषों में स्पर्म की कमी मेटाबॉलिक परिवर्तन, हृदय जोखिम और हड्डी के द्रव्यमान में कमी से जुड़ा हुआ है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने बांझ दंपतियों के 5,177 पुरुषों पर यह अध्ययन किया।
एक अध्ययन में पाया गया कि वैश्विक रूप में हाल के वर्षों में स्पर्म की संख्या और क्वालिटी में गिरावट हुई है। इसको देखते हुए कई वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है, यह मानव जाति के भविष्य के लिए बड़ी समस्याओं का चेतावनी संकेत हो सकता है। इसके लिए जेनेटिक और बिगड़ती लाइफस्टाइल को जिम्मेदार बताया गया है।
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