खास बात यह है कि इस शहर में ज्यादातर चीजों को भी ग्यारह से ही रिलेट किया जाता है। यहां के पुराने झरने, संग्रहालयों और टावर में भी 11 नबंर हैं। यहां तक किइ सेंट उर्सूस के मुख्य चर्च (chruch ) में भी ग्यारह नबंर का महत्व साफ ही दिखाई देता है। चर्च को बनाने में ग्यारह साल लगे थे साथ ही इसके ग्यारह दरवाजे और ग्यारह ही खिड़कियां हैं। शहर का जन्मदिन भी 11 तारीख को ही मनाया जाता है। लोगों को दिए जाने वाले तोहफे भी 11 से ही जुड़े होते हैं।
माना जाता है कि शहर के लोगों का 11 से लगाव अभी से नहीं बल्कि सदियों से चला आ रहा है। इसके साथ एक कहानी जुड़ी हुई है। इसके अनुसार- सोलोर्थन के लोग बहुत मेहनत किया करते थे, लेकिन मेहनत के बाद भी वो अपने जीवन में नाखुश थे। तभी इस शहर की पहाड़ियों से एक एल्फ आया। उसने लोगों का हौसला बढ़ाना शुरू किया। जिससे लोगों के जीवन में खुशियां आने लगीं। कहानियों में निहित है कि एल्फ के पास अलौकिक शक्तियां थीं। जर्मन भाषा में एल्फ का अर्थ 11 होता है, इसलिए सोलोर्थन के लोगों ने हर काम को ग्यारह से जोड़ना शुरू कर दिया। यही कारण है कि वहां की घड़यों में भी 11 तक ही अंक रखे जाते हैं।
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