कहते हैं कि हर व्यक्ति की कोई न कोई कमजोरी होती है और ये बात बहुत ही रहस्यमयी होती है। जोकि कभी किसी को नहीं बतानी चाहिए। जैसे कि रावण का रहस्य था कि उसको नाभि पर तीर मारने से उसकी मृत्यु हो सकती है और ये बात उसका भाई विभीषण ही जानता था और उसी ने रावण के रहस्य को बता दिया। जिससे रावण की मौत हो गई। इसी तरह कोई कितना ही आपका शुभचिंतक क्यों न हो उसे कभी भी अपने जीवन का कोई रहस्य नहीं बताना चाहिए।
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भूलकर भी अपने दोस्तों, सगे-संबंधियों या फिर अन्य किसी को अपनी पत्नी के द्वारा किए गए गलत व्यवहार को नहीं बताना चाहिए।
आचार्य के अनुसार मनुष्य को अन्य व्यक्ति के सामने दूसरों के द्वारा कही गई गली या अपशब्द के बारे में नहीं बताना चाहिए। क्योंकि आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इन बातों को दूसरों के साथ साझा करने से बाद में उसी का अपमान किया जाता है। लोगों का तो काम ही होता है सामने वाले को नीचा दिखाना, इसलिए कभी किसी को अपने अपमान या गाली की बात भी नहीं बतानी चाहिए।

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