➺ शराब पीने के बाद लीवर के एंजाइम जाकर एल्कोहल से मिल जाते हैं जिससे हैंगओवर हो जाता है। इस प्रक्रिया को acetaldehyde कहते हैं जोकि शरीर में जहर का काम करता है। यहीं acetaldehyde जब शरीर में लंबे समय तक रह जाती है तो यहीं हैंगओवर का काम करती है। इसवजह से शराब से सेवन के बाद आपको सिरदर्द, मिचली, मुंह सूखा लगना, बार-बार प्याल लगना जैसा महसूस होता है।
➺ ऐसे लोग जिन पर हैंगओवर ज्यादा होता है उनपर acetaldehyde का असर ज्यादा होता है। जिनको हैंगओवर नहीं होता है ऐसा माना जाता है कि acetaldehyde ज्यादा देर तक उनके शरीर में नहीं रहता।
➺ कई शोध बताते हैं कि हैंगओवर के पीछे कई बार जींस भी काम करते हैं। कुछ लोगों के शरीर से एल्कोहल के बाय प्रोडक्ट शरीर से जल्दी निकल जाते हैं। जिसस उन्हें हैंगओवर की दिक्कत नहीं होती। इसके पीछे कारक उनके जींस होते हैं।
➺ यह इस पर भी निर्भर करता है कि आप किस जेंडर से हैं। महिलाओं में 45 प्रतिशत जेनेटिक कारक होते हैं जबकि पुरुषों में 40 प्रतिशत होते हैं। शोध बताते हैं कि हर किसी पर हैंगओवर का असर अलग-अलग होता है क्योंकि इसके पीछे काफी हद तक जेनेटिक कारण होते हैं।
➺ वहीं एल्कोहल की मात्रा भी हैंगओवर का कारण बनती है। ज्यादा एल्कोहल लेने से हैंगओवर होता है कम शराब या फिर नियंत्रित मात्रा लेने पर कम हैंगओवर होगा।
➺ अक्सर आपने सुना होगा कि शराब पीने के बाद खूब सारा पानी पीने की सलाह दी जाती है। हैंगओवर इस पर भी निर्भर करता है कि आप शराब पीने के बाद कितनी मात्रा में पानी का सेवन करके खुद को हाइड्रेट रखते हैं। जितना ज्यादा पानी पिएंगे उतना ही एल्कोहल के बाय प्रोडक्ट शरीर से बाहर निकल जाएंगे और फिर हैंगओवर का असर कम होगा।

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