ऐसा हो सकता है कि शायद मैं आपके विचारों से सहमत न भी हो पाऊं लेकिन फिर भी विचार प्रकट करने के आपके अधिकारों की रक्षा करूंगा। यह विचार वाल्तेयर नाम के दार्शनिक का है और ये इस फोटो पर बिल्कुल सही बैठता है। फोटो Voice Of South India नाम के फेसबुक पेज से शेयर करी गई है। कैप्शन भी बड़ा ही गजब का है,यह सिर्फ केरल में ही हो सकता है कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टी की वजह से दोस्त ना खोएं। इस वायरल तस्वीर में एक व्यक्ति ने हाथ में बीजेपी का झंडा लिया हुआ है तो वहीं दूसरे व्यक्ति के पास कांग्रेस और एक के पास सीपीआई का झंडा पकड़े हुए है। तीनों ही पार्टियों की अलग-अलग विचारधारा है लेकिन दोस्ती यारी में इसका भला कहां कोई फर्क पड़ता है।
आज के दौर में जहां लोग अलग-अलग कई विचारों को नहीं झेल पर रहें हैं वहीं यह फोटो एक संदेश देती हैं कि दोस्ती पहले है और बाकी सारी चीजें बाद में हैं। लोगों को एक-दूसरे के प्रति प्यार करना सीखना होगा। विचारधारा अपनी जगह है लेकिन दोस्ती का अलग मुकाम है जिसकी आन दोस्तों के हाथों में होती है कि आखिर वो कैसे बचाते है।

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