इसी को लेकर डॉक्टर्स का कहना है कि इस बीमारी से बचने के लिए लोगों को सही समय पर सोने और पर्याप्त नींद लेने की जरूरत है। इस डिसऑर्डर से बचाव के लिए लोगों को अपना लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत है। कई लोग रातभर जागते हैं और इसी वजह से वे स्लीप एपनिया डिसऑर्डर के शिकार हो जाते हैं और इसमें सबसे खतरनाक बात यह होती है कि उन्हें पता भी नहीं लगता कि वे इस डिसऑर्डर का शिकार बन गए हैं।
जानकारी के अनुसार डॉक्टर्स के मुताबिक ब्लड ऑक्सिजन का लेवल 95-100% के बीच में होना चाहिए। स्लीप एपनिया की वजह से ब्लड ऑक्सिजन लेवल में 50% तक की कमी आ सकती है जिससे किसी की मौत भी हो सकती है। सांस रुकने के कारण दिमाग के सेल्स भी डेड हो जाते हैं जिसकी वजह से लोगों की मौत का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं एक्सपर्ट्स का यह भी दावा है कि स्लीप एपनिया डिसऑर्डर के शिकार बने लोगों में से 80% को इस बात ही जानकारी ही नहीं होती की वे इस डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं।

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