पर्यावरण के लिए घातक है प्लास्टिक, फिर भी क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं क्या है मजबूरी?


प्लास्टिक का पर्यावरण पर क्या नुकसान है इससे ज्यादातर लोग वाकिफ हैं, लेकिन इसके बावजूद भी धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल हो रहा है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इससे जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं।

अध्ययन के मुताबिक सस्ते विकल्प नहीं होने की वजह से लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन में पाया गया कि लगभग 90 प्रतिशत लोग प्लास्टिक के इस्तेमाल से होने वाले खतरों के बारे में जानते हैं। यहां तक की लगभग 85 प्रतिशत लोगों को अच्छे से पता है कि पॉलिथिन एक प्रतिबंधित चीज है।

यह अध्ययन मुंबई , दिल्ली , बेंगलुरु , कोलकाता , चेन्नई , अहमदाबाद  और पुणे समेत प्रमुख शहरों में किया गया है। ये स्पष्ट रूप से समझ आता है कि लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी है, फिर भी इसका अधिक इस्तेमाल होता है। इसका सबसे मुख्य कारण ​अन्य सस्ते विकल्पों का उपलब्ध ना होना है। वहीं 10 में से 7 लोगों का मानना था कि प्रतिबंध सिर्फ प्लास्टिक की थैलियों पर है। लोगों को इस बात की अच्छे से जानकारी नहीं है कि पाउच, कूड़े के थैलों जैसे प्लास्टिक के अन्य सामान पर भी रोक लगाई गई है।

लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत यह होती है कि सामान किस चीज में रखकर घर लेकर आए। दुकानदारों के पास थैले देने की सुविधा नही मिलती है। कई बार तो लोगों को थैले लेने के बदले दुकानदार को अतिरिक्त पैसा भी चुकाना पड़ जाता है। ऐसे में होने वाली असुविधा को देखते हुए लोग सब जानते हुए भी मजबूरी में पॉलीथिन की थैलियों पर ही अधिक निर्भर हो रहे हैं। 

Post a Comment

और नया पुराने