माँ बनना तो हर लड़की का सपना होता है। लेकिन तीस की उम्र के बाद गर्भधारण की सम्भावनाएं तेजी से घटने लगती है। उचित समय पर और पूर्ण प्रजनन शक्ति के लिए अपनी जाँच करवा लेना महत्वपूर्ण होता है। बांझपन का इलाज कराने वाले दो तिहाई दम्पत्ति संतान पाने के उपाय में सफल हो जाते हैं।
गर्भधारण कैसे करे:
# लगभग 250 ग्राम पीपल के पेड़ की सूखी पिसी हुई जड़ों में 250 ग्राम बूरा मिलाकर पति व पत्त्नी दोनों, जिस दिन से पत्नी का पीरियड शुरू हो, 4-4 चम्मच गर्म दूध में रोजाना 11 दिन तक फंकी लें।
# पीपल के सूखे फलों के 1-2 ग्राम चूर्ण की फंकी कच्चे दूध के साथ पीरियड के खत्म होने बाद 14 दिन तक देने से औरत का बांझपन मिट जाता है।
# गर्भाधान के दिन से(From conception.) ही चावल, खीर, दूध, भात, रात को सोते समय शतावरी का चूर्ण दूध के साथ लेना चाहिए।
# सुबह मक्खन और मिश्री मिलाकर एक एक चम्मच पीसी काली मिर्च मिलाकर चाटना चाहिए और ऊपर से कच्चा नारियल और सौंफ खाना चाहिए।
# गर्भवती स्त्री पूरे 9 महीने तक नियमपूर्व रोजाना सुबह और शाम मक्खन मिश्री कालीमिर्च कच्चा नारियल और सौंफ का सेवन करती है। वह निश्चित ही बहुत ही गोरे और स्वस्थ संतान को जन्म देती है।

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