ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से साबुन का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान!


हम सब नहाते समय साबुन का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही हम अपनी पसंद के हिसाब से साबुन चुनते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से हमें किस तरह के साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए? ज्योतिष के मुताबिक साबुन का इस्तेमााल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? साथ ही किस साबुन का इस्तेमाल करने से क्या लाभ मिलता है? यदि नहीं तो आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बता रहे हैं। चलिए जानते हैं कि ऐसी वो कौन सी पांच बातें हैं जिनका हमें साबुन का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखना चाहिए.....

1. कुछ लोगों की कुंडली में सूर्य ग्रह की दशा खराब होती है। इससे पिता से रिश्ते खराब हो जाते हैं और सरकारी काम में सफलता नहीं मिलती। ज्योतिष के मुताबिक, ऐसे लोगों को शहद, चंदन, खस या गुलाब के सत वाले साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए।

2. कई बार कुंडली में मंगल दोष हो जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति का स्वभाव काफी क्रोधी हो जाता है। साथ ही इससे विवाह में देरी होने लगती है। इस स्थिति में लाल चंदन, केसर या गुलाब के सत वाले सााबुन का इस्तेमाल करने के लिए कहा जाता है।

3. शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार को साबुन लगाने की मनाही है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को जीवन में सुख का कारक माना गया है। इसे मजबूत करने के लिए नहाते समय पानी में चमेली, हल्दी या केसर मिलाना चाहिए।

4. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को वैवाहिक जीवन और विलासिता का कारक माना गया है। जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति को मजबूत करने के लिए चंदन, कपूर, आंवला या इलायची के सत वाले साबुन से नहाने के लिए कहा जाता है।

5. जन्म कुंडली में शनि, राहु और केतु के खराब होने से जीवन में ढेर सारी पेरशानियों के आने की बात कही गई है। ज्योतिष के मुताबिक, इन्हें मजबूत करने के लिए शनिवार और बुधवार को चंदन या पंचगव्य से युक्त साबुन से स्नान करना चाहिए।

Post a Comment

أحدث أقدم