इस दौरान धर्म संसद ने कहा कि रामजन्म भूमि के लिए संघर्ष किया जाएगा। अब रामजन्म भूमि के लिए बलिदान देने का समय आ गया है। गांधीजी के सविनय अवज्ञा को अपनाया जाएगा। 21 फरवरी को शुभ मुहूर्त में न्यास को सम्पन्न कराया जाएगा। बसंत पंचमी के बाद प्रयागराज से अयोध्या के लिए प्रस्थान किया जाएगा। इस मंदिर निर्माण के लिए हमें गोली भी खानी पड़ी तो हम तैयार हैं।
21 फरवरी यूपी की आदित्यनाथ सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि अगर सरकार ने संतों को रोका तो मुश्किल और न रोका तो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना होगी। इतना ही नहीं संतों को रोकने पर मंदिर विरोधी होने का आरोप भी लगेगा। पहले ही मंदिर मसले पर बीजेपी को जुमलेबाज कहा जा रहा है।
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