ये है वजह
दरअसल, शरीर में मेलानिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो बालों को काला रखने में सहायक होता है। ये तत्व आंखों और शरीर के बालों का रंग काला करने का काम करता है। बालों का काला या सफेद होना शरीर में मेलानिन की मात्रा पर ही निर्भर करता है।
बढ़ती उम्र में बाल सफेद होने का कारण
अगर मेलानिन की मात्रा ज्यादा होगी तो बालों का रंग भी काला होगा और अगर मेलानिन की मात्रा कम होगी तो बालों का रंग सफेद हो जाएगा। बढ़ती उम्र में शरीर से मेलानिन की मात्रा कम होती जाती है, जिसकी वजह से बाल सफेद हो जाते हैं।
कम उम्र में बाल सफेद होने का कारण
धूप की किरणों में पाई जाने वाली यूवी किरणों और सही खान-पान के कारण शरीर में मेलानिन की मात्रा कम होती जाती है, जिसकी वजह से ही कम उम्र में ही बाल सफेद होने लगते हैं।
विदेशी लोगों के सुनहरे बाल होने का कारण
ठंडी जगहों पर रहने वाले लोगों को सही तरह से धूप की किरणें और पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि वहां रहने वाले लोगों के शरीर में मेलानिन की मात्रा कम होती है और उनके बाल सुनहरे या ब्राउन कलर के होते हैं।
إرسال تعليق