भारत का दूसरा सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया कहा जाने वाला कमाठीपुरा की सेक्स वर्कर्स को अपनी कमाई को सुरक्षित रखने की चिंता सता रही है। दरअसल, इस बाजार में बना एकलौता बैंक बंद कर दिया है, जिससे यहां की सेक्स वर्कर्स को अपनी कमाई को सुरक्षित रखने की चिंता सता रही है। इस बाजार में करीब 5000 सेक्स वर्कर हैं।
इनका कहना है कि वह ऐसे धंधे में हैं, जिसमें उनकी कोई पहचान नहीं है, ऐसे में उनका किसी और बैंक में खाता नहीं खुल सकता है। अब यह बैंक भी बंद हो गया है, तो वह अब क्या करेंगी। यहां रहने वाली सेक्स वर्कर्स ने बताया कि खाता खोलने के लिए बैंक वाले उनसे आधार कार्ड और अन्य कागजात मांगते हैं और वो उनके पास नहीं है। इस वजह से बैंको की सेवाएं इन्हें नहीं मिल पाती हैं।
बता दें कि कमाठीपुरा का यह बाजार अंग्रेजों के समय में अंग्रेजी सैनिकों के लिए बसाया गया था। यहां पर 2007 में एक को-आॅपरेटिव बैंक खोला गया, जहां महिलाएं अपना पैसा जमा कर सकती थीं। लेकिन फंडिंग की कमी के चलते यह बैंक अब बंद हो गया है, ऐसे में उनके पास पैसा जमा करने की समस्या खड़ी हो गई है।
इनका कहना है कि वह ऐसे धंधे में हैं, जिसमें उनकी कोई पहचान नहीं है, ऐसे में उनका किसी और बैंक में खाता नहीं खुल सकता है। अब यह बैंक भी बंद हो गया है, तो वह अब क्या करेंगी। यहां रहने वाली सेक्स वर्कर्स ने बताया कि खाता खोलने के लिए बैंक वाले उनसे आधार कार्ड और अन्य कागजात मांगते हैं और वो उनके पास नहीं है। इस वजह से बैंको की सेवाएं इन्हें नहीं मिल पाती हैं।
बता दें कि कमाठीपुरा का यह बाजार अंग्रेजों के समय में अंग्रेजी सैनिकों के लिए बसाया गया था। यहां पर 2007 में एक को-आॅपरेटिव बैंक खोला गया, जहां महिलाएं अपना पैसा जमा कर सकती थीं। लेकिन फंडिंग की कमी के चलते यह बैंक अब बंद हो गया है, ऐसे में उनके पास पैसा जमा करने की समस्या खड़ी हो गई है।



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