जब व्यक्ति जमीन पर बैठकर भोजन करता है तो वह सुखासन में बैठता है और इस मुद्रा में बैठकर भोजन करने से पाचन क्षमता बढ़ती है। पीठ का निचला भाग तथा पेट के आसपास की मासपेशियां खींच जाती हैं और उनमें एक तनाव आ जाता है तथा पेट से संबंधित सभी बीमारियां भी खत्म होती हैं।
जमीन पर बैठकर भोजन करने से व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है, इससे न तो व्यक्ति समय से पहले बूढ़ा होता है और न ही कमर दर्द की कोई शिकायत होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जो लोग जमीन पर बैठ कर भोजन ग्रहण करते हैं। उनकी आयु में वृद्धि होती है।



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