कानून के अनुसार, अगर कोई शख्स या महिला बिना किसी संस्था के कंप्यूटर की मदद से प्रसारित डेटा पर जासूसी करता है या किसी अन्य व्यक्ति को धमकी देने या ब्लैकमेल करने के इरादे से कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है तो यह अपराध माना जाएगा।
“सोशल मीडिया के विकास के साथ सायबर क्राइम के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसमें ब्लैकमेलिंग, मानहानि और दूसरों के अकाउंट हैक करना आदि शामिल है।” सरकार का कहना है कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य लोगों और समाज की नैतिकता व निजता को बचा कर रखना है। सऊदी अरब में सरकार ने जारी किए गए अपने बयान में इस नए एंटी सायबर क्राइम लॉ का जिक्र किया।



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