मंदिर के पुजारी आकाश के अनुसार लगभग 80 साल पुराने इस मंदिर में एक तरफ बजरंग बली स्थापित हैं और दूसरी ओर काली माता विराजमान हैं और दोनों के सामने मन्दिर के संस्थापक नर सिंह दास की प्रतिमा बनी है। यहां भक्तों को बाबा के दर्शन के साथ ही मां काली का भी पूजन करने का अवसर प्राप्त होता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हनुमानजी के दर्शन के बाद जैसे ही मन्दिर की दीवार पर लिखी हनुमान चालीसा और आरती पढ़ने के लिए भक्तों की नजर दीवार पर जाती है, तो उन्हें वहां कुरान की आयतें भी पढ़ने को मिल जाता है। कुरान की आयतें मंदिर परिसर के अंदर शिलालेख पर लिखी हैं। खास बात यह है कि आज भी इस मंदिर में काफी मुस्लिम समुदाय के लोग कुरान की आयतें पढ़ने के लिए आते हैं।
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