जानिए जापानी महिलाओं के स्लिम और जवान रहने का फॉर्मूला


जापान में रहने वाले व्‍यक्ति की औसत आयु 82 से 84 वर्ष है जबकि भारत में ये महत 60 से 62 वर्ष है । 20 सालों का ये अंतर दोनों देशों की जीवनशैली की वजह से है । वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन की 2015 में आई रिपोर्ट के अनुसार जापान में पैदा होने वाला बच्‍चा दूसरे देशों की तुलना में ज्‍यादा हेल्‍दी लाइफ जीता है । दरअसल जापानियों की सेहत का राज उनकी डायट में छिपा है, अगर आप भी इस डायट को फॉलो करते हैं तो डेफिनेटली एक हेल्‍दी लाइफ जी सकते हैं ।

ब्रेड की जगह राइस
चावल को लेकर फैला हुआ भ्रम जापान में टूट जाता है जब यहां की डेली डायट में चावल और चावल से बने पदार्थों की अधिकता देखी जाती है । जापान में चावल का सेवन अधिक किया जाता है । सुबह के नाश्‍ते से लेकर रात के खाने तक चावल का इस्‍तेमाल बहुततायत में होता है । चावल पचने में आसान हैं और इन्‍हें खाने के बाद भूख भी कम लगती है । इसमें फैट की मात्रा कम होती है ।

प्रोटीन फुल डायट
जापानी अपनी सेहत के साथ कोई कमप्रोमाइज नहीं करते । वो जानते हैं हेल्‍दी रहने में प्रोटीन कितना हेल्‍पफुल हे इसलिए वो अपनी डायट में अचछी खासी मात्रा प्रोटीन की बनाए रखते हैं । मछली, मीट, सोया आदि का प्रयोग कर वो प्रोटीन की कमी नहीं होने देते । खाने को अलग-अलग प्रकार से पकाकर वो उसका पूरा फायदा लेते हैं । ज्‍यादातर खाना उबला हुआ ही खाया जाता है और कम मसाले में पकाया जाता है ।

कम खाना
जापानियों को बचपन से ही हेल्‍दी डायट लेनी सिखाई जाती है । और इसका सबसे महत्‍वपूर्ण अंग है खाना भूख से कम खाना । जितनी भी भूख लगी हे उसमें थोड़ी सी गुजाइश छोड़ते हुए खाना खाना । जापानी कभी भी पेट भरकर खाना नहीं खाते और यही उनकी फिटनेस का राज है । जापानियों की इस भोजनशैली पर हुई रिसर्च में ये सामने आया कि ऐसा करने से उनकी उम्र जल्‍दी नहीं बढ़ती और वो फिट रहते हैं ।

ग्रीन टी
ग्रीन टी जापानियों के भोजन का प्रमुख अंग है। ग्रीन टी में एंटीऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, इन्‍हें पीने से बॉडी टॉक्सिक फ्री रहती है और त्‍वचा पर उम्र के निशान जल्‍दी नहीं आते। ये एक तरह से एंटी एजिंग होती है। जापानी लोग प्रतिदिन दो से तीन कप ग्रीन टी पीते हैं और इसका फायदा उठाते हैं। जापान में कॉफी नशे के समान मानी जाती है, वे इससे कोसों दूर रहते हैं।

मीट की जगह सी फूड
जापानियों के भोजन का एक प्रमुख अंग है सी फूड । वो मांस खाने से परहेज करते हैं और हल्‍के सीफूड को लेना पसंद करते हैं । मछलियां, झींगा, केकड़े, श्रिम्‍प आदि में भरपूर प्रोटीन पाया जाता है , इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है जो स्किन से लेकर बॉडी के हर पार्ट को स्‍वस्‍थ बनाए रखने में काम करता है । वहीं भारतीय लाल मांस अधिक पसंद करते हैं जो कॉलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाता है ।

सब्जियों का सेवन
जापानी अपना ज्‍यादातर खाना उबला हुआ खाते हैं, इसके साथ वो कच्‍ची सब्यिों का भी सेवन करते हें । पारंपरिक जापानी परिवार के एकvegetables मील में आपको 4 से 5 तरह की सब्जियां जरूर पाई जाती है । जापानी लोग अपने भोजन में चार से पांच सब्जियों को जरुर शामिल करते हैं । शरीर को कच्‍ची सब्जियों से अधिक पौष्टिकता प्राप्‍त होती है और ये विटामिन अज्ञैर मिनरल्‍स से भी भरपूर होते हैं ।

फिजिकली एक्टिव
आम भारतीय जहां दोपहिया, चार पहिया से जाने का आदि हो गया है वहीं जापानी आज भी 10 से 15 किमीं की दूरी में पड़ने वाली जगहों पर जाने के लिए साइकिल का प्रयोग करते हैं । जापान के बाजारों में आप कारों का शोर नहीं बल्कि लोगों द्वारा साइकिल की सवारी देख पाएंगे । इसके अलावा जापानी पैदल भी बहुत चलते हैं । उनके डेली रूटीन का प्रमुख अंग है पैदल चलना ।

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