ऐसी स्त्रियों के कारण घर में कभी नहीं आती ख़ुशी, कहा जाता है कुलक्षिणी


प्रकृति की अनमोल रचना है स्त्री, जो ममता, कोमलता, सौम्यता आदि सभी गुणों से भरपूर है ये सभी भावनाएं लगभग हर स्त्री में होती है लेकिन जिस प्रकार प्रकृति की सभी जीचों में भिन्नता होती है उसी प्रकार इनके गुणों में भी भिन्नता होती है। कुछ स्त्री अपने कुल का मान होती है तो कुछ अपने कुल का नाश करती है इन स्त्रियों को सरल भाषा में कुलक्षिणी कहा जाता है। आइये जानते है स्त्रियों के कुछ ऐसे ही लक्षण जो उन्हें कुलक्षिणी के लिए उत्तरदायी बनाते है.....

1. वह स्त्री जिसका माथा लंबा होता है उसे उसके देवर के लिए अशुभ माना जाता है व जिस स्त्री का पेट लंबा होता है वह उसके ससुर के लिए अशुभ होती है तथा जिस स्त्री के कमर के नीचे का भाग बड़ा होता है वह उसके पति के लिए अशुभ मानी जाती है।

2. वह स्त्री जिसके पैर में उसकी कनिष्ठिका उंगली व उसके साथ वाली उंगली जमीन से ऊपर रहती है और अंगूठे के बगल वाली उंगली अंगूठे से लंबी होती है वह समय व परिस्थिति के अनुसार अपना चरित्र बदलती है इनके चरित्र पर विश्वास करना उचित नहीं होता है।

3. यदि किसी स्त्री का पेट घड़े नुमा होता है तो उस स्त्री का जीवन गरीबी और दरिद्रता के साथ बीतता है तथा जिन स्त्रियों का पेट लंबा, गड्ढे के आकार का होता है वह भी अशुभ मानी जाती है।

4. वह स्त्रियाँ जिनके कानों पर बहुत बाल होते है तथा कानों का आकार असमान होता है ये अपने घर में क्लेश का कारण होती है।

5. जिन स्त्रियों के दांत चौड़े, मोटे, लंबे और बाहर की तरफ निकले होते है ऐसी स्त्रियाँ अपने जीवन में हमेशा दुखी होती है और यदि उनके मसूड़े काले होते है तो यह भी उनके दुःख का कारण होते है।

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