चोर या अपराधी :- किसी चोर या अपराधी प्रवृत्ति के घर का भोजन नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि वहां भोजन करने से उसके पापों का असर हमारे जीवन पर भी हो सकता है।
चरित्रहीन व्यक्ति :- यहां इस शब्द का अर्थ वो व्यक्ति है जो अपनी इच्छा से अमर्यादित कार्य करता है। गरुड़ पुराण के अनुसार माना जाता है कि जो व्यक्ति ऐसे घर में भोजन करता है वहां के पापों का बोझ उसके जीवन पर पड़ने लगता है।
सूदखोर :- ये वो व्यक्ति होता है जो दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाकर अनुचित रुप से अत्याधिक ब्याज प्राप्त करते हैं। गुरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे लोगों के घर पर भी भोजन नहीं करना चाहिए। किसी की मजबूरी का फायदा उठाना किसी भी पाप से कम नहीं माना जाता है।

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