धर्म व्यक्ति को मन से शांति देता है। यही नहीं धार्मिक परंपरा उसे अपनी मिट्टी से जोड़े रखता है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी भी परंपरा है, जिसे देखकर आपके रौंगते खड़े हो जाएंगे।
तिब्बत में 'स्काई बरियल' नाम से एक परंपरा है, जिसके तहत मृत शरीर को नग्न अवस्था में किसी पहाड़ी पर ले जाकर उसके टुकड़े कर दिए जाते है, जिससे चीलों को खाने में आसानी हो। इसके पीछे मान्यता है कि मृत शरीर एक खाली बर्तन जैसा है, जिसे जरूरत न होने पर फेंका जा सकता है।
कैरेबियन आईलेंड्स में वूडो नाम के ऐसे भक्त रहते है, जो आत्माओं को अपना मानते है। इसी वजह से उन्हें समय- समय एनर्जी देने के लिए कई तरह के बलिदान चढ़ावे के तौर पर देते हैं। ऐसा करते हुए वो अपना होश खो बैठते हैं और कहा जाता है कि कुछ देर के लिए उनके शरीर में आत्माएं भी आती हैं।
हमारे देश के कर्नाटक राज्य में एक परंपरा के तहत लोग ब्राह्मणों के जूठे केले के पत्तों पर लोटते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बीमारी दूर ही रहती है और दुख कम होता है। हालांकि हाईकोर्ट ने भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया था कि ये परंपरा जूठे केले के पत्ते न होकर ताजा खाने के पत्ते पर ही हो।
तिब्बत में 'स्काई बरियल' नाम से एक परंपरा है, जिसके तहत मृत शरीर को नग्न अवस्था में किसी पहाड़ी पर ले जाकर उसके टुकड़े कर दिए जाते है, जिससे चीलों को खाने में आसानी हो। इसके पीछे मान्यता है कि मृत शरीर एक खाली बर्तन जैसा है, जिसे जरूरत न होने पर फेंका जा सकता है।
कैरेबियन आईलेंड्स में वूडो नाम के ऐसे भक्त रहते है, जो आत्माओं को अपना मानते है। इसी वजह से उन्हें समय- समय एनर्जी देने के लिए कई तरह के बलिदान चढ़ावे के तौर पर देते हैं। ऐसा करते हुए वो अपना होश खो बैठते हैं और कहा जाता है कि कुछ देर के लिए उनके शरीर में आत्माएं भी आती हैं।
हमारे देश के कर्नाटक राज्य में एक परंपरा के तहत लोग ब्राह्मणों के जूठे केले के पत्तों पर लोटते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बीमारी दूर ही रहती है और दुख कम होता है। हालांकि हाईकोर्ट ने भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया था कि ये परंपरा जूठे केले के पत्ते न होकर ताजा खाने के पत्ते पर ही हो।

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