टी बैग :- घर पर थोड़ा बहुत जलने पर आप काली चाय के टी बैग का उपयोग कर जलन को शांत कर सकते है। इसमें टैनिक अम्ल होता है, जो जलन के स्थान की गर्मी को हटाकर तुंरत ही ठंडाहट प्रदान करता है। काली चाय के 2 बैग को एक कटोरी ठंडे पानी में मिलाकर कुछ देर रखें रहने दें, फिर इसे जलने वाले घाव के स्थान पर लगा लें, इससे काफी राहत मिलेगी।
आलू :- कच्चे आलू में होने वाले गुणों के कारण यह त्वचा के जलने पर असरदार होता है। इससे दर्द कम होता है और छाला भी नहीं उठता है। इसके लिए कच्चे आलू का टुकड़ा काट कर जले हुए स्थान पर लगाएं, आलू का रस जले हुए स्थान पर लगना चाहिए।
सिरका :- सिरका में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसीलिए जलने के छोटे घावों पर सिरका का उपयोग किया जा सकता है। यह घाव के निशान को भी कम करता है। यह जलने के बाद के हर तरह के संक्रमण को मिटाकर घाव को बढ़ने से रोकता है। इसका उपयोग करने के लिए आप ठंड़े पानी में सिरका मिलाकर अपने जले हुये भाग को उस पानी में रखें इससे तुंरत ही राहत मिलेगी।
नारियल तेल और नींबू का रस :- नारियल का तेल और नींबू का रस भी जलने में कारगर है। नारियल के तेल में पाए जाने वाले लोरिक एसिड, कप्रिक एसिड और माय्रिस्टिक एसिड किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। इसके साथ ही यह त्वचा की नमी को भी बनाये रखता है। इसका उपयोग करने के लिये नींबू और नारियल तेल को बराबर भागों में मिलकर इसे जले हुये भाग पर लगाइए। इससे आप जल्द ही जलन को दूर करने के साथ घाव के निशान कम कर सकते हैं।
एलोवेरा :- एलोवेरा को जले हुए स्थान पर लगाने से ठंडक मिलती है, जिससे दर्द से राहत मिलती हैं। एलोवेरा की पत्तियो से जेल को निकालकर जले हुए भाग पर तुरंत लगाने से तुरंत रहत प्रदान करेगा।
बर्फ का ठंडा पानी- खाना बनाते समय शरीर के किसी भाग पर अचानक जल जाने से ठंडा पानी सबसे सही उपचार माना गया है जो हर समय हमें आसानी के साथ तुंरत ही मिल जाता है। जले हुए स्थान पर तुरंत बर्फ या फिर बर्फ वाला ठंडा पानी लगाएं, इससे जलन भी शांत रहेगी और छाले होने की संभावना भी नहीं रहेगी। इसके अलावा आप बर्फ को निकालकर भी लगा सकते हैं।

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