उत्तराखंड के देहरादून के एक गांव की कहानी महाभारत की द्रौपदी से मेल खाती है। इसी गाँव की २१ साल की राजो के अनुसार - सबसे पहले राजो की शादी गुड्डू से कराई गई, उसके बाद राजो की शादी गुड्डू के भाईयों से भी कराई गयी, और वह गुड्डू के भाई बैजू (32), संत राम (28), गोपाल (26) और दिनेश (19) की पत्नी भी बन गई।
राजो अपने सभी पतियों के साथ एक कमरे में ही रहती है, और बारी-बारी से सबके साथ रात गुजारती है। उस दौरान बाकी के चार भाई नीचे चादर बिछा कर सोते हैं । उनका एक 18 महीने का बेटा भी है, लेकिन 5 पति के होने से यह नहीं पता कि उसका पिता कौन है। गाँव वालों के अनुसार इस प्रथा का मुख्य कारण यह माना जाता है, की शादी के बाद भाइयों में संपत्ति का बंटवारा ना हो और सारा परिवार साथ ही रहे।

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