मास्टरबेशन से जुड़ी इन 7 बातों पर कभी यकीन नहीं करना चाहिए..!!


हस्तमैथुन करना कोई नई बात नहीं है। 18वीं सदी में इसके बारे में पहली बार सुना गया था। तब से लेकर आजतक लोग इसे नैतिक रूप से गलत मानते हैं और समझते हैं कि यह कोई ऐसी चीज है जिसका शरीर पर बुरा असर पड़ता है। हालांकि सच्चाई यह है कि खुद को सेक्शुअली संतुष्ट करना बेहद सामान्य बात है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। साथ ही इसे हर उम्र के लोग करते हैं। जानें हस्तमैथुन से जुड़ी 7 बातें जो गलत हैं और जिनपर यकीन नहीं करना चाहिए...

1. अगर कोई महिला या पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट के साथ हस्तमैथुन करता है तो इससे उसके गुप्तांग को किसी तरह का कोई नुकसान होगा, इसकी संभावना बेहद कम है।

2. मास्टरबेशन, ऑर्गज्म हासिल करने का पक्का तरीका है लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि जो लोग मास्टरबेट करते हैं उनकी रूचि सेक्स में खत्म हो जाती है। इसलिए यह बात भी पूरी तरह से झूठी है। 

3. कई लड़के या लड़कियां ऐसे होते हैं जो बेहद कम उम्र में ही अपने शरीर से खेलने लग जाते हैं। उन्हें इस बात का अहसास ही नहीं होता कि वे हस्तमैथुन कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि हस्तमैथुन करने से इन्फर्लिटी का खतरा रहता है लेकिन यह बात पूरी तरह से गलत है।

4. जो लोग मास्टरबेट करते हैं वे इस गलत समझकर अपराधबोध में जीते हैं कि उन्होंने कोई गलत काम कर दिया है। एक्सपर्ट्स की मानें तो हस्तमैथुन करने से शरीर को किसी तरह का शारीरिक या मानसिक नुकसान नहीं होता।

5. कुछ लोग एक सप्ताह में 3 से 4 बार हस्तमैथुन करते हैं तो कुछ लोग एक दिन में एक बार। ऐसा कोई सेट नियम नहीं है जो बताता हो कि एक दिन में कितनी बार हस्तमैथुन करना सामान्य प्रक्रिया है।

6. मास्टरबेशन से जुड़ी यह सबसे बड़ी झूठी बात है। सच यह है कि हस्तमैथुन करने की वजह से अनचाहे बाल नहीं उगते हैं।

7. कुछ लोग पार्टनर के साथ रिलेशनशिप में रहने के बाद भी मास्टरबेट करते हैं और इसमें कोई गलत बात नहीं है। इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि वे अपने पार्टनर को धोखा दे रहे हैं।

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