युवावस्था में ऐसे आता है लड़कियां के शरीर में परिवर्तन!


इस अवस्था में स्त्रियों के शरीर में बहुत अधिक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। जब लड़कियां बाल्यावस्था से युवावस्था में कदम रखती हैं तो उसके शरीर के आकार में कई परिवर्तन देखने को मिलते हैं। इस अवस्था में लड़कियां जवानी की दहलीज पर कदम रखती हैं और धीरे-धीरे उनके शरीर में परिवर्तन होने लगता है।  हमारा देश गर्म है इसलिए यहां लड़कियां जल्दी ही अर्थात कम उम्र में ही जवान होने लगती हैं जबकि अमेरिका, जर्मनी, रूस तथा इटली आदि देशों की लड़कियां हमारे देश के मुकाबले देर से जवान होती हैं।

वैसे कहा जाए तो लड़कियां उस समय जवानी की ओर कदम रखती हैं जब उनका मासिक-स्राव आने लगता है। कुछ लड़कियां तो शुरू-शुरू में इसका मतलब तो समझ नहीं पाती हैं और इसके शुरू होते ही घबरा जाती हैं जबकि उन्हें घबराना नहीं चाहिए। इस समय मां का यह कर्म होता है कि वह अपनी बेटी पर नजर रखे तथा जब लड़की का मासिक स्राव शुरू हो तो उसे इसके बारे में अपनी लड़की को बता देना चाहिए और उनको मानसिक रूप से मजबूत करना चाहिए और यह भी बता देना चाहिए कि इस उम्र में इस प्रकार का शरीर में परिवर्तन होना स्वभाविक है।

जब लड़कियां 14-16 वर्ष की हो जाती है तो उनके शरीर में काफी परिवर्तन देखने को मिलते हैं। उनके चेहरे तथा शरीर पर जवानी की झलक साफ-साफ झलकने लगती है। इस समय में उनके स्तन का उभार भी काफी विकसित हो जाता है और उनके चेहरे की रौनक तथा चमक बढ़ जाती है। उनके स्तनों का आकार न सिर्फ बढ़ जाता है बल्कि वे चिकने, कठोर व सुडौल हो जाते हैं। इस प्रकार के परिवर्तन तो बाहरी रूप से दिखाई पड़ते हैं लेकिन इसके अलावा स्त्री के शरीर के अंग पर छोटे-छोटे बाल उगने लगते हैं।

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