हमारे धर्मशास्त्रों में हनुमानजी की तीन परिक्रमा करने का विधान बताया गया है। इसलिए इनकी हमेशा तीन परिकर्मा ही करनी चाहिए। अगर आप हर मंगलवार के दिन दोपहर के समय गुड़,घी, और गेंहू के आटे से बनी रोटी का चूरमा अर्पित करते है तो इससे आपके जीवन का दुर्भाग्य दूर हो जाता है।
अपने जीवन में खुशहाली लाने के लिए मंगल और शनिवार की शाम को फलो का भोग लगाए। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करके हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना चाहिए।

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