इस प्रतियोगिता में चार देशों की बीस सुंदरियां भाग लेती हैं। प्रतियोगिता का मकसद सुरक्षित यौन संबंध को बढ़ावा देना और एचआईवी-एड्स जैसे गंभीर बीमारी के बारे में जानकारी देना है। इस प्रतियोगिता में कई देशों की महिलाएं कंडोम को फुलाकर उसको उड़ाती हैं और पुरुष समाज को सुरक्षित यौन संबंध के लिए जागरुक करती है। इस प्रतियोगिता में महिलाएं गर्भाधान से बचने के लिए भी जानकारी देती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सात लाख से अधिक लोग एसटीडी संक्रमण से ग्रसित हैं। इस प्रतियोगिता का सीनेटर मेचे विरवैद्य समर्थन करता है।
लगभग पिछले 20 सालों से इस प्रतियोगिता को आयोजित किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में विजेता को एक हजार बहट दिया जाता है। हालांकि, प्रतियोगी इस प्रतियोगिता में केवल इसलिए भाग नहीं लेते कि उन्हें कोई पुरस्कार मिलेगा। बल्कि इसलिए भाग लेते हैं। क्योंकि उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने पर काफी आनंद आता है और एक खुशी मिलती है।



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