क्या आप जानते है पुरुष ही क्यों करते हैं गणेश-विसर्जन?


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक केवल गणेश-विसर्जन ही नहीं बल्कि हर मूर्ति-विसर्जन का अधिकार पुरुषों को दिया गया है , फिर वो चाहे गणपति की मूर्ति हो या फिर मां दुर्गा की। आइये जाने इसके पीछे के कारण -

1 दरअसल मूर्ति-विसर्जन का संबंध अंतिम संस्कार से होता है और हिंदू रिवाजों के मुताबिक अंतिम संस्कार का हक केवल पुरुषों को ही होता है इसलिए मूर्ति-विसर्जन का काम महिलाओं से नहीं कराया जाता है।

2 मूर्ति-विसर्जन के वक्त का माहौल काफी मार्मिक और गमगीन हो जाता है इसलिए वहां ऐसे लोगों की उपस्थिति होनी चाहिए जो कि थोड़े कठोर दिल के हों इसलिए महिलाओं को विसर्जन के काम से दूर रखा जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि महिलाएं कोमल हृदय की होती हैं और उनसे किसी की विदाई नहीं देखी जा सकती है।

3 कई पुराने लोगों का कहना है जब विसर्जन होता है तो अक्सर लोग वहां भांग या मदिरा पान भी कर लेते हैं और प्रभु की भक्ति में सुध-बुध खोकर नाचते हैं, ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महिलाओं और लड़कियों को वहां नहीं होना चाहिए।

4 दूसरा अहम कारण ये भी है कि ऐसे स्थानों पर लोग अक्सर जादू-टोने के शिकार होते हैं, महिलाएं या लड़कियां जल्दी ही इन चीजों का निशाना बन जाती हैं इसलिए भी बड़े-बुजुर्ग उन्हें वहां जाने से रोकते हैं।

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