ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडीलेड पीएचडी छात्र व अध्ययन के मुख्य लेखक जॉन जैकोबसन ने कहा, ‘शराब दुनिया का सबसे अधिक खपत वाला मादक पदार्थ है और ऐसे जैविक तंत्रों को समझने की अधिक जरूरत है जो शराब पीने की हमारी आवश्यकता को प्रेरित करते हैं।’ शोध के दौरान अध्ययनकर्ताओं ने नैलट्रीक्सोन नामक दवा के द्वारा चूहों के मस्तिष्क के प्रतिरक्षा रिसेप्टर को अवरुद्ध कर दिया था। निष्कर्षो में नैलट्रीक्सोन के सेवन पर चूहों में शराब पीने के व्यवहार में महत्वपूर्ण कमी पाई गई, खासकर तब जब मादक पदार्थ संबंधी व्यवहार अधिक देखने को मिलता है।
जैकोबसन के अनुसार, ‘हमने निष्कर्ष निकाला है कि मस्तिष्क की प्रतिरक्षा प्रणाली के एक विशिष्ट भाग को अवरुद्ध करने से वास्तव में शाम के वक्त शराब पीने के चूहों द्वारा प्रेरित होने की प्रक्रिया में कमी आई।’ यह रिसर्च 'ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्यूनिटी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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