1. झूठे लोग नज़र मिलाने से डरता है। झूठ बोलने वक्त झूठे इंसान का शरीर का ऊपरी हिस्सा फ्रीज हो जाता है। वे झूठी हंसी हंसने की कोशिश करेंगे, आवाज धीमी होगी।
2. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि झूठ बोलता है तो वो सामने वाले आंखो में देखकर बात नहीं कर पाता। बात करते समय उसकी नजरें झुकी रहती हैं क्योंकि उसे डर लगता है कि कहीं उसका झूठ पकड़ में ना आ जाए।
3. ईमानदार शख्स की बॉडी लैंग्वेज आत्मविश्वाल से भरी होती है। जबकि झूठ बोलने वाला बार-बार अपनी बांह चढ़ाकर बात करता है। उसके पैर या तो अंदर की ओर मुड़े होते है या फिर वह उनका मूवमेंट कम से कम रखता है।
4. जब आपकों लगता है कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसके फेस को गौर से देखें। झूठ बोलते समय चेहरे के भाव बिल्कुल बदल जाते हैं। झूठ बोलते समय गालों का रंग बदल जाता है, क्योंकि भीतर झूठ के पीछे छिपी चिंता से लोग मन ही मन शर्मिंदा रहते हैं।
5. मुस्कुराहट भी कई बार सच्ची भावना बयां करने का काम करती हैं। आप किसी का झूठ पकड़ना चाहती हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि सामने वाले मुस्कुरा कैसा रहा है। सच्ची मुस्कुराहट होंठों और आंखों से झांकती है, लेकिन झूठे शख्स की आंखों में मुस्कुराहट नहीं होती।

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