कहीं आप भी तो एक ही स्वाइप में नहीं पसंद कर लेते हैं अपना हमसफर


कई डेटिंग साइट्स या एप आपको सुविधा देती हैं कि आप उनके सिस्टम के जरिए अपना सोलमेट ढूंढ़ सकते हैं लेकिन असल मायने में देखा जाए तो यह संभव नहीं है। कंप्यूटर आपकी दिल की भावनाओं का पार नहीं पा सकता। ऐसे में, अपने हमसफर की खोज के लिए पूरी तरह से इन साइटों पर निर्भर होना आपको धोखे में भी डाल सकता है।

हाल की एक स्टडी में पाया गया कि मशीन सिर्फ आपके आकर्षण का पता लगा सकती है प्यार का नहीं। यूनिवर्सिटी ऑफ उटा स्टडी  ने स्पीड डेटिंग डाटा का इस्तेमाल किया और पाया कि एक कंप्यूटर ये पता लगा सकता है कि आप किस के प्रति आकर्षित हैं, कौन आपको अच्छा लग रहा है, किससे आपकी योग्यता मिलती है। लेकिन वो आपका हमसफर है इसका पता कंप्यूटर नहीं लगा सकता।


रिसर्च र्स डेटिंग करने वाले लोगों से डाटा इकट्ठा किया, जिन्होंने 100 से अधिक विशेषताओं और वरीयताओं के बारे में प्रश्नावली भरी और फिर एक श्रृंखला में चार मिनट की डेट के लिए मिले। इसके बाद, प्रतिभागियों ने उनकी बातचीत का मूल्यांकन किया, जिसमें उन्होंने डेट पर मिले पार्टनर इंट्रेस्ट और यौन आकर्षण के बारे में भी लिखा।

इस रिसर्च में अत्याधुनिक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया, जिससे यह जानने की कोशिश की गई कि क्या मिलने से पहले किसी की अद्वितीय रोमांटिक इच्छा का पता लगा पाना संभव है या नहीं। लेकिन जवाब में आया 'नहीं'।

उन्होंने पाया कि आप कितना उस व्यक्ति को पसंद करते हैं, आप कितना उस व्यक्ति के प्रति आकर्षित हैं इसका तो पता लगाया जा सकता है लेकिन वो आपके लिए परफेक्ट मैच साबित होगा या फिर आपका हमसफर ही है, इसका पता लगाना असंभव है।


इस स्टडी के सेह लेखक जोएल ने कहा कि हमने सोचा था कि हम सौ में से कम से कम कुछ भविष्यवाणियां तो ठीक करेंगे लेकिन हमारा यह अनुमान गलत निकला और हमारा रिजल्ट शून्य निकला। उन्होंने कहा कि काश कंप्यूटर से पता लग पाता कि आपका सोलमेट यानि हमसफर कौन है। इससे न जाने कितने दिल टूटने से भी बचते और सब खुश भी रहते।

ऑनलाइन डेटिंग साइट्स आपको ऐसी इनफोर्मेशन देती है जो आपके रोमांस को थोड़ा बहुत आंक कर आपकी परेशाना का थोड़ा बहुत तो हल निकालती ही है। लेकिन अपने रोमांस और साथी चुनने की चाह को लेकर बिलकुल से इन साइट्स पर निर्भर हो जाना बिलकुल गलत है।

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