1. कपड़े पहनने की आजादीः महिलाएं अपनी इच्छा के हिसाब से कपड़े पहन सकती हैं। आमतौर कहा जाता है कि इस्लाम में महिलाओं को हिजाब पहनना पड़ता है। शरीर ढंकना पड़ता है। महिलाएं अगर इसका पालन नहीं करती तो इसे हराम माना जाता है।
2. शतरंज खेलनाः कुरान कहती है कि जिस खेल में मादक चीजें, जुआ, किसी को बहुत चाहना और अटकलबाजी होती है, वह हराम है। शतरंज में जुए जैसा कुछ नहीं। असल में यह स्किल बेस्ड खेल है और इसे खेलने से किसी का नैतिक पतन भी नहीं होता।
3. लैंगिग समानताः कुरान कहती है कि मर्द औरतों से बेहतर होते हैं। अधिकतर लोग इस बात को गलत तरीके से लेते हैं। कुरान में स्पष्ट है कि कोई भी इंसान अपने सही और पाक-साफ होने के कारण बेहतर होता है। न कि अपने लिंग, रंग और राष्ट्रीयता से। कुरान कभी नहीं कहती कि औरतें मर्दों से कम हैं।
4. जीवन बीमाः यह भी हराम नहीं है। बीमा एक साझी जिम्मेदारी है, जो किसी इंसान के परिवार की आने वाले आर्थिक संकटों से सुरक्षा को सुनिश्चित करती है।
5. डांसः इस्लाम में डांस हराम नहीं है। हालांकि, कुरान में इस बात का जरूर जिक्र है कि यह महिलाओं को डांस करते मर्द अगर देखें, तो वह हराम है।
6. अबॉर्शन और कॉन्ट्रासेप्शनः इस्लाम में बगैर शादी किए शारीरिक संबंध बनाना हराम है, लेकिन अबॉर्शन और कॉन्ट्रासेप्शन हराम नहीं है।

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